समाधान दिवस में उमड़ा फरियादियों का सैलाब, दर्ज हुईं 176 शिकायतें, बुजुर्गों और महिलाओं के उत्पीड़न पर कड़ा रुख, तत्काल कार्रवाई के निर्देश
- जमीनी जालसाजी और अवैध कब्जों पर गिरेगी गाज, पैमाइश और जांच के आदेश
- आंगनबाड़ी से पुल निर्माण तक, जनहित के मामलों में प्रशासन की त्वरित पहल
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के दिशा-निर्देशों पर सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा की अध्यक्षता में ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। जनता की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित निस्तारण के लिए आयोजित इस शिविर में फरियादियों का सैलाब उमड़ पड़ा। करीब 4 घंटे तक चले इस आयोजन में भूमि विवाद, अवैध कब्जे, अतिक्रमण, घरेलू हिंसा, आर्थिक सहायता और फीस माफी जैसे गंभीर विषयों से संबंधित कुल 176 शिकायतें दर्ज की गईं।
अपर जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकांश शिकायतों का निपटारा किया। वहीं, शेष बचे गंभीर और जांच योग्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए साफ हिदायत दी कि तय समय सीमा के भीतर कानूनी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समाधान दिवस में पारिवारिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से जुड़ी कई दर्दनाक कहानियां सामने आईं, जिस पर प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया। जीवनगढ़ निवासी 65 वर्षीय विधवा सावित्री देवी ने अपने ही बेटे-बहू पर मकान कब्जाने और मारपीट का आरोप लगाया। इस पर एसडीएम विकासनगर को तत्काल भरण-पोषण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, वरिष्ठ नागरिक नसीम चंद की ऐसी ही शिकायत पर नगर निगम और तहसीलदार को तत्काल जांच सौंपी गई।
संजय कॉलोनी की विधवा और बेसहारा पूजा देवी ने बताया कि पति के निधन के बाद ननदों ने मकान पर कब्जा कर उसे बच्चों सहित मायके रहने पर मजबूर कर दिया। अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम विकासनगर को इस मामले में तुरंत एक्शन लेने को कहा गया। घेरलू हिंसा से पीडित जोगीवाला की तुलसी देवी और निरंजनपुर की फूलों देवी ने पतियों द्वारा मारपीट और दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस और प्रशासन को तुरंत पीड़िता की मदद के निर्देश दिए गए।
जमीन से जुड़े विवादों और सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण को लेकर अधिकारियों को तुरंत मौके पर जाकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। केदारपुरम की अनीता गुप्ता ने रजिस्ट्री में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए बताया कि पति की मृत्यु के बाद, पूरा पैसा लेने के बावजूद विक्रेता ने धोखा देकर जमीन अपने नाम ही रख ली। इस फर्जीवाड़े की जांच जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सौंपी गई है।
ग्राम पंचायत झाझरा में एक वार्ड सदस्य द्वारा और डोईवाला के कान्हरवाला में ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायत पर बीडीओ और एसडीएम डोईवाला को तत्काल पैमाइश कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए। वही प्रेमपुर माफी में भूमि खरीदने के बाद भी कब्जा न मिलने पर तेजस्विनी लक्ष्मी बिष्ट और अन्य की शिकायत पर एसडीएम को जांच के आदेश दिए गए।
जनता की रोजमर्रा की दिक्कतों को देखते हुए कई विकासात्मक कार्यो को धरातल पर उतारने के निर्देश भी जारी किए गए। बैंक ऋण चुकता न होने पर एक मकान सीज होने के साथ वहां चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र का सामान भी सीज हो गया था। जिला कार्यक्रम अधिकारी को बैंक से तालमेल बिठाकर तुरंत आंगनबाडी केंद्र का सामान वापस दिलाने को कहा गया।
शीला शेर मोटर मार्ग पर पुल निर्माण में देरी से बच्चों को हो रही परेशानी पर पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता को काम में तेजी लाने और तब तक के लिए वैकल्पिक मार्ग को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत कावाखेड़ा में टोंस नदी से पंपिंग योजना तथा खनन प्रभावित क्षेत्र फनार, नीनूस, मेन्द्रथ, पुनहा पोखरी में सिंचाई और पाइपलाइन के लिए खनिज फाउंडेशन न्यास निधि से प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। श्रावण मास के प्रसिद्ध ‘गणियात मेले’ और ‘दखडान मेले’ में सांस्कृतिक दलों की व्यवस्था के लिए जिला पर्यटन अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई।
समाधान दिवस में सिटी मजिस्ट्रेट राजेश तिवारी, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार समेत सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
