उत्तराखंड: सात समुंदर पार गूंजेगी उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, लंदन में छाएंगे युवा गायक विवेक नौटियाल

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देहरादून/लंदन। उत्तराखंड की लोकसंस्कृति अब सिर्फ घाटियों तक सीमित नहीं रही, उसकी गूंज सात समुंदर पार तक सुनाई दे रही है। प्रदेश के लोकप्रिय युवा लोकगायक विवेक नौटियाल के गीत आगामी 26 अक्टूबर को लंदन के बर्किंगम में होने वाले भव्य इगास-बग्वाल कार्यक्रम में गूंजेंगे।

आपको बता दें कि दीपावली के 11 दिन बाद मनाया जाने वाला उत्तराखंड का लोकपर्व इगास बग्वाल लंदन में बसे प्रवासी उत्तराखंडियों द्वारा हर साल बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल प्रवासी संगठनों ने इसे और भी भव्य रूप देने की तैयारी की है। इसी कड़ी में 26 अक्टूबर को बर्किंग में एक बड़े सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से उत्तराखंड के लोक कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। इसमें विवेक नौटियाल मुख्य आकर्षण होंगे। विवेक नौटियाल आज उत्तराखंड के उन चुनिंदा युवा गायकों में हैं, जिन्होंने पारंपरिक गढ़वाली लोकधुनों को आधुनिक अंदाज में पेश कर युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ा है।

उनके सुपरहिट गीत _’ओटुवा बेलेणा’, ‘उड़िजा चखुली’, ‘घंडियाल देवता’, ‘रूप कु मंतर’ और ‘नखर्याली बांद’_ न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि देश-विदेश में बसे पहाड़ियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। ‘उड़िजा चखुली’ के लिए उन्हें *यंग उत्तराखंड सिने अवार्ड 2025 में बेस्ट मेल सिंगर का अवार्ड भी मिल चुका है।

विवेक शास्त्रीय संगीत में एम.ए. और भातखंडे संगीत विद्यालय से प्रशिक्षित हैं और लोकगीतों पर शोध भी कर रहे हैं।

प्रवासी उत्तराखंडियों का कहना है कि विदेश में रहकर भी पहाड़ की मिट्टी की खुशबू और लोकगीतों की मिठास उन्हें घर की याद दिलाती है। ऐसे आयोजनों से न सिर्फ हमारी संस्कृति जीवित रहती है, बल्कि विदेश में जन्मी नई पीढ़ी भी अपनी भाषा-बोली से जुड़ पाती है।

लंदन में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर उत्तराखंड के संगीत प्रेमियों में भी खासा उत्साह है।

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